अक्षरब्रह्मयोगः
अक्षरब्रह्मयोग
ब्रह्म, अध्यात्म, कर्म की परिभाषाएँ; मृत्यु के समय स्मरण के महत्व एवं देवयान-पितृयान मार्गों की चर्चा।
इस अध्याय के लिए विस्तृत श्लोक-दर-श्लोक व्याख्या अभी संपादकीय समीक्षा में है — शीघ्र जोड़ी जाएगी।
यहाँ दी गई "सरल व्याख्या" एवं "व्यावहारिक जीवन-शिक्षा" Sanatan Unity की अपनी सरलीकृत प्रस्तुति है — यह किसी विशिष्ट पारंपरिक भाष्य (जैसे शंकराचार्य/रामानुजाचार्य/मध्वाचार्य भाष्य) का प्रतिस्थापन नहीं है।