स्रोत एवं पद्धति (Sources & Methodology)
परंपरा का सम्मान और प्रमाण का सम्मान — दोनों साथ।
हम सामग्री कैसे तैयार करते हैं
हर लेख/पृष्ठ पर हम पाँच स्तरों में अंतर स्पष्ट करने का प्रयास करते हैं:
- ग्रंथ में क्या लिखा है — मूल संस्कृत श्लोक/सूत्र एवं उसका प्रत्यक्ष अनुवाद।
- परंपरा में इसकी क्या व्याख्या है — विभिन्न सम्प्रदायों/भाष्यकारों की पारंपरिक व्याख्या।
- इतिहास में इसका क्या प्रमाण है — पुरातात्विक/ऐतिहासिक अभिलेख, यदि उपलब्ध हों।
- आधुनिक विज्ञान इसे कितना समर्थन करता है — सत्यापित वैज्ञानिक प्रमाण, यदि उपलब्ध हों।
- क्या यह अभी केवल एक परिकल्पना/मान्यता है — जहाँ न तो सिद्ध, न ही खंडित हो।
स्रोत-स्तर (Source Tiers)
हम प्रत्येक स्रोत को एक विश्वसनीयता-स्तर देते हैं:
स्तर 1 — मूल संस्कृत ग्रंथ / समीक्षित संस्करण
स्तर 2 — शासकीय/विश्वविद्यालय संग्रह
स्तर 3 — संस्कृत संस्थान / अकादमिक प्रकाशन
स्तर 4 — पुरातात्विक/वैज्ञानिक स्रोत
स्तर 5 — प्रतिष्ठित अनुवाद/द्वितीयक स्रोत
विज्ञान-तुलना पद्धति
हर विज्ञान-तुलना को 🟢 ऐतिहासिक/पाठ्य प्रमाण, 🔵 आधुनिक विज्ञान से समानता, 🟡 परंपरागत व्याख्या, 🟠 वैज्ञानिक रूप से अभी अप्रमाणित, अथवा 🔴 आधुनिक विज्ञान द्वारा समर्थित नहीं — इन पाँच में से किसी एक श्रेणी में वर्गीकृत किया जाता है। विस्तार हेतु देखें विज्ञान और सनातन ग्रंथ।
हमारी सीमाएँ
हम एक स्वतंत्र, गैर-अकादमिक मंच हैं — हम स्वयं मूल शोध नहीं करते, अपितु उपलब्ध ग्रंथों, अनुवादों एवं अकादमिक कृतियों का संकलन एवं सरलीकरण प्रस्तुत करते हैं। किसी विषय पर गहन अध्ययन हेतु हम सदैव मूल ग्रंथ एवं उद्धृत अकादमिक स्रोतों को स्वयं पढ़ने का सुझाव देते हैं।