ग्रंथालय
वेद, वेदांग, उपनिषद, पुराण, इतिहास, स्मृति, दर्शन, आगम, तंत्र, मंत्र, योग, आयुर्वेद, ज्योतिष, वास्तु, संस्कृत साहित्य आदि सनातन ग्रंथों की प्रामाणिक स्रोत-सहित सूची।
अथर्ववेद संहिता
चौथा वेद — इसमें दैनिक जीवन, चिकित्सा, रक्षा-मंत्र एवं दार्शनिक सूक्त सम्मिलित हैं; अन्य तीन वेदों स…
ऋग्वेद संहिता
चारों वेदों में सबसे प्राचीन — 10 मण्डलों में विभक्त, लगभग 1028 सूक्तों का संग्रह, मुख्यतः देवताओं क…
यजुर्वेद संहिता (शुक्ल एवं कृष्ण)
यज्ञ-कर्मकाण्ड हेतु वेद — शुक्ल (वाजसनेयी) एवं कृष्ण (तैत्तिरीय) — दो प्रमुख शाखाओं में उपलब्ध।
सामवेद संहिता
गायन/संगीत हेतु वेद — इसके अधिकांश मंत्र ऋग्वेद से लिए गए हैं परंतु सामगान (लयबद्ध पाठ) की विशेष पद्…
अष्टाध्यायी
पाणिनि रचित संस्कृत व्याकरण का सूत्रबद्ध ग्रंथ — वेदांगों में "व्याकरण" अंग का प्रतिनिधित्व करता है।
— पाणिनि
ज्योतिष वेदांग (वेदांग ज्योतिष)
यज्ञ हेतु उचित समय-निर्धारण के लिए कैलेंडर-गणना का प्राचीनतम भारतीय ग्रंथ — वेदांगों में "ज्योतिष" अ…
निरुक्त
यास्क रचित वैदिक शब्द-व्युत्पत्ति एवं व्याख्या का ग्रंथ — वेदांगों में "निरुक्त" अंग।
ईशोपनिषद
शुक्ल यजुर्वेद से संबद्ध, अत्यंत संक्षिप्त (18 मंत्र) परंतु दार्शनिक दृष्टि से अत्यंत सघन उपनिषद — त…
ऐतरेयोपनिषद
ऋग्वेद से संबद्ध — सृष्टि-प्रक्रिया एवं आत्मा की प्रकृति पर केंद्रित; "प्रज्ञानं ब्रह्म" महावाक्य का…
कठोपनिषद
कृष्ण यजुर्वेद से संबद्ध — नचिकेता एवं यमराज के संवाद के माध्यम से मृत्यु, आत्मा एवं मोक्ष की चर्चा।
केनोपनिषद
सामवेद से संबद्ध — ब्रह्म की अवर्णनीय प्रकृति पर केंद्रित, "केन" (किसके द्वारा?) प्रश्न से आरंभ।
छान्दोग्योपनिषद
सामवेद से संबद्ध, बृहदारण्यक के साथ सबसे प्राचीन एवं विस्तृत उपनिषदों में से एक — "तत्त्वमसि" महावाक…
तैत्तिरीयोपनिषद
कृष्ण यजुर्वेद से संबद्ध — पंचकोश (अन्नमय से आनंदमय तक) सिद्धांत एवं शिक्षा-व्यवस्था पर प्रसिद्ध अनु…
प्रश्नोपनिषद
अथर्ववेद से संबद्ध — छह शिष्यों द्वारा गुरु पिप्पलाद से पूछे गए छह प्रश्नों के रूप में संरचित।
बृहदारण्यकोपनिषद
शुक्ल यजुर्वेद से संबद्ध — सबसे विस्तृत उपनिषद, याज्ञवल्क्य-मैत्रेयी संवाद तथा "अहं ब्रह्मास्मि" महा…
— याज्ञवल्क्य
माण्डूक्योपनिषद
अथर्ववेद से संबद्ध — सबसे संक्षिप्त उपनिषद (12 मंत्र), "ॐ" एवं चेतना की चार अवस्थाओं (जाग्रत, स्वप्न…
मुण्डकोपनिषद
अथर्ववेद से संबद्ध — परा एवं अपरा विद्या का भेद; "सत्यमेव जयते" वाक्य का मूल स्रोत।
श्वेताश्वतरोपनिषद
कृष्ण यजुर्वेद से संबद्ध — ईश्वर (रुद्र/शिव) की व्यक्तिगत अवधारणा एवं सांख्य-योग के तत्त्वों का समन्…
अग्नि पुराण
एक विश्वकोशीय पुराण — धर्मशास्त्र, राजनीति, वास्तुकला, आयुर्वेद, काव्यशास्त्र सहित अत्यंत विविध विषय…
कूर्म पुराण
विष्णु के कूर्म अवतार से संबद्ध — समुद्र-मंथन कथा एवं धर्मशास्त्र-संबंधी सामग्री सम्मिलित।
गरुड़ पुराण
मृत्यु-पश्चात यात्रा एवं अंत्येष्टि-कर्मकाण्ड से संबंधित विषयों हेतु विशेष रूप से प्रसिद्ध — इसका "प…
नारद पुराण
वैष्णव पुराण — व्रत, तीर्थ एवं संगीत-शास्त्र से संबंधित सामग्री सम्मिलित।
पद्म पुराण
सृष्टि, तीर्थ-महात्म्य एवं वैष्णव भक्ति से संबंधित विषयों का विशाल संकलन — भारत का द्वितीय सबसे बड़ा…
ब्रह्म पुराण
महापुराणों की परंपरागत सूची में प्रथम — सृष्टि, तीर्थ-महात्म्य (विशेषकर उड़ीसा/कोणार्क क्षेत्र) एवं …
ब्रह्मवैवर्त पुराण
कृष्ण एवं राधा भक्ति पर केंद्रित पुराण।
ब्रह्माण्ड पुराण
18 महापुराणों में अंतिम — ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति एवं संरचना पर केंद्रित; इसमें प्रसिद्ध "ललिता सहस्र…
भविष्य पुराण
सूर्य-उपासना एवं भविष्यवाणी-संबंधी विषयों पर केंद्रित — इसके वर्तमान संस्करण में परवर्ती काल के प्रक…
मत्स्य पुराण
विष्णु के मत्स्य अवतार एवं महाप्रलय-कथा से संबद्ध — वास्तुकला एवं मूर्तिकला पर भी विस्तृत सामग्री।
मार्कण्डेय पुराण
इसमें प्रसिद्ध "देवी महात्म्य" (दुर्गा सप्तशती) सम्मिलित है, जो शाक्त परंपरा का केंद्रीय ग्रंथ है।
लिंग पुराण
शैव पुराण — शिवलिंग की उत्पत्ति एवं महिमा पर केंद्रित।
वराह पुराण
विष्णु के वराह अवतार से संबद्ध पुराण — तीर्थ-महात्म्य एवं व्रत-कथाएँ सम्मिलित।
वामन पुराण
विष्णु के वामन अवतार एवं बलि-कथा से संबद्ध पुराण।
विष्णु पुराण
वैष्णव पुराणों में सबसे व्यवस्थित माना जाने वाला ग्रंथ — सृष्टि, वंशावली (विशेषकर सूर्यवंश-चंद्रवंश)…
शिव पुराण
शैव पुराणों में सबसे प्रमुख — शिव की महिमा, ज्योतिर्लिंगों की उत्पत्ति-कथाएँ एवं शिव-पार्वती विवाह ज…
श्रीमद्भागवत पुराण
भक्ति-परंपरा में सर्वाधिक प्रभावशाली पुराण — कृष्ण-लीला (विशेषकर दशम स्कंध) का विस्तृत वर्णन। इसके र…
स्कन्द पुराण
18 महापुराणों में सबसे विशाल — कार्तिकेय (स्कंद) से संबद्ध, अनेक तीर्थ-महात्म्यों (काशी, केदार आदि) …
रामायण (वाल्मीकि रामायण)
आदिकाव्य — श्रीराम के जीवन, वनवास, सीता-हरण एवं रावण-वध की कथा, 7 काण्डों (बालकाण्ड से उत्तरकाण्ड तक…
— वाल्मीकि
महाभारत
विश्व का सबसे विशाल महाकाव्य — कौरव-पांडव संघर्ष की कथा, 18 पर्वों में विभक्त, इसी के भीष्मपर्व में …
— वेदव्यास
श्रीमद्भगवद्गीता
महाभारत के भीष्मपर्व का अंश — कुरुक्षेत्र युद्ध के आरंभ में श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया 18 अ…
— वेदव्यास
मनुस्मृति
सबसे प्रसिद्ध (एवं सर्वाधिक विवादित) धर्मशास्त्र ग्रंथ — सामाजिक व्यवस्था, वर्णाश्रम एवं आचार-संहिता…
याज्ञवल्क्य स्मृति
मनुस्मृति के बाद सर्वाधिक प्रभावशाली स्मृति ग्रंथ — विशेषकर व्यवहार (न्याय-प्रक्रिया) खंड हेतु महत्व…
— याज्ञवल्क्य
न्यायसूत्र
न्याय दर्शन का मूल ग्रंथ — तर्कशास्त्र एवं ज्ञानमीमांसा पर केंद्रित।
— गौतम (न्याय दर्शन)
पूर्व मीमांसा सूत्र
जैमिनि रचित — वैदिक कर्मकाण्ड की व्याख्या एवं शब्द-प्रामाण्य पर केंद्रित मीमांसा दर्शन का मूल ग्रंथ।
ब्रह्मसूत्र (वेदांतसूत्र)
बादरायण (परंपरा में वेदव्यास से संबद्ध) रचित — उपनिषदों के सिद्धांतों को व्यवस्थित सूत्र-रूप में प्र…
— वेदव्यास
योगसूत्र
योग दर्शन का मूल ग्रंथ — अष्टांग योग की व्यवस्थित रूपरेखा, 4 पादों (समाधि, साधन, विभूति, कैवल्य) में…
— पतंजलि
वैशेषिक सूत्र
वैशेषिक दर्शन का मूल ग्रंथ — भौतिक जगत की छह श्रेणियों (पदार्थों) का विश्लेषण। /science पृष्ठ पर गुर…
— कणाद
सांख्यकारिका
ईश्वरकृष्ण रचित — सांख्य दर्शन का सबसे प्रभावशाली एवं सुरक्षित ग्रंथ, कपिल के मूल सांख्यसूत्र से भी …
पांचरात्र आगम (सामान्य परिचय)
वैष्णव आगम-परंपरा — मंदिर-निर्माण, मूर्ति-स्थापना एवं उपासना-विधि पर केंद्रित ग्रंथों का समूह। विशिष…
चरक संहिता
आयुर्वेद के तीन मौलिक ग्रंथों ("बृहत्त्रयी") में से एक — शरीरक्रिया विज्ञान एवं आंतरिक चिकित्सा पर क…
— चरक
सुश्रुत संहिता
आयुर्वेद की "बृहत्त्रयी" में से एक — शल्य चिकित्सा पर केंद्रित।
— सुश्रुत
बृहत्पराशर होराशास्त्र
परंपरागत भारतीय ज्योतिष (होरा) का एक मूल ग्रंथ माना जाता है — परंपरा में महर्षि पराशर से संबद्ध।
मयमतम् (वास्तुशास्त्र ग्रंथ)
दक्षिण भारतीय वास्तु एवं मंदिर-निर्माण परंपरा का एक प्रमुख ग्रंथ — मंदिर-वास्तु के अनुपात एवं सिद्धा…
रामचरितमानस
गोस्वामी तुलसीदास (16वीं शताब्दी) रचित — रामायण की कथा को अवधी भाषा में पुनः प्रस्तुत करने वाला भक्त…
विष्णु सहस्रनाम
महाभारत के अनुशासनपर्व में स्थित — विष्णु के 1000 नामों का स्तोत्र, वैष्णव परंपरा में अत्यंत महत्वपू…
शिव तांडव स्तोत्र
परंपरागत रूप से रावण-रचित माना जाने वाला शिव-स्तुति स्तोत्र — इसका रावण-कर्तृत्व ऐतिहासिक रूप से असत…
हनुमान चालीसा
गोस्वामी तुलसीदास रचित 40 चौपाइयों का हनुमान-स्तुति काव्य — अत्यंत लोकप्रिय दैनिक पाठ।