भक्तियोगः
भक्तियोग
सगुण भक्ति एवं निर्गुण ब्रह्म-उपासना की तुलना; भक्त के गुणों का वर्णन — यह अध्याय गीता में सबसे संक्षिप्त है।
इस अध्याय के लिए विस्तृत श्लोक-दर-श्लोक व्याख्या अभी संपादकीय समीक्षा में है — शीघ्र जोड़ी जाएगी।
यहाँ दी गई "सरल व्याख्या" एवं "व्यावहारिक जीवन-शिक्षा" Sanatan Unity की अपनी सरलीकृत प्रस्तुति है — यह किसी विशिष्ट पारंपरिक भाष्य (जैसे शंकराचार्य/रामानुजाचार्य/मध्वाचार्य भाष्य) का प्रतिस्थापन नहीं है।