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अध्याय 5 · 29 श्लोक
कर्मसंन्यासयोगः

कर्मसंन्यासयोग

कर्मयोग एवं सांख्य (ज्ञान द्वारा संन्यास) के मार्गों की तुलना — दोनों मार्ग अंततः एक ही लक्ष्य (मोक्ष) की ओर ले जाते हैं।

इस अध्याय के लिए विस्तृत श्लोक-दर-श्लोक व्याख्या अभी संपादकीय समीक्षा में है — शीघ्र जोड़ी जाएगी।

यहाँ दी गई "सरल व्याख्या" एवं "व्यावहारिक जीवन-शिक्षा" Sanatan Unity की अपनी सरलीकृत प्रस्तुति है — यह किसी विशिष्ट पारंपरिक भाष्य (जैसे शंकराचार्य/रामानुजाचार्य/मध्वाचार्य भाष्य) का प्रतिस्थापन नहीं है।
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