हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
hare kṛṣṇa hare kṛṣṇa kṛṣṇa kṛṣṇa hare hare, hare rāma hare rāma rāma rāma hare hare
देवता: श्रीकृष्ण
हिन्दी अर्थ
16 शब्दों का यह महामंत्र कृष्ण एवं राम — दोनों नामों के माध्यम से भगवद्भक्ति व्यक्त करता है।
प्रयोग
गौड़ीय वैष्णव परंपरा (चैतन्य महाप्रभु द्वारा प्रवर्तित) में यह मंत्र विशेष केंद्रीय स्थान रखता है।
परंपरागत नियम
नाम-संकीर्तन (सामूहिक जप) की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है।
जप-नियम एवं विधि विभिन्न परंपराओं/सम्प्रदायों में भिन्न हो सकते हैं — किसी योग्य गुरु से मार्गदर्शन लेना उचित है।