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🕉️ धार्मिक परंपरा puranic
कृष्ण

श्रीकृष्ण

अन्य नाम: गोविंद, माधव, वासुदेव, द्वारकाधीश

श्रीकृष्ण विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं तथा भगवद्गीता के उपदेशक एवं भागवत पुराण के केंद्रीय नायक हैं। इनका जीवन बाल-लीला (वृंदावन) से लेकर राजनैतिक/दार्शनिक मार्गदर्शक (कुरुक्षेत्र) तक विस्तृत है।

प्रतीकात्मकता

बाँसुरी (आनंद/लीला), मोरपंख (सौंदर्य), गोपाल रूप (सरलता)।

स्वरूप

बाल गोपाल (बाल रूप), राधा-कृष्ण (भक्ति रूप), पार्थसारथी (गीता-उपदेशक रूप)।

कथाएँ

बाल-लीलाएँ (माखन-चोरी, कालिया-दमन), रासलीला, कंस-वध, महाभारत में अर्जुन के सारथी एवं गीता-उपदेशक, द्वारकाधीश के रूप में राज्य-संचालन।

उपासना

भगवद्गीता पाठ, "हरे कृष्ण" महामंत्र (गौड़ीय वैष्णव परंपरा में विशेष), रासलीला-स्मरण।

विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।

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