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📚 ऐतिहासिक स्रोत जीवनी-विश्वसनीयता: परंपरागत
वाल्मीकि

वाल्मीकि

काल (परंपरागत): त्रेता युग (परंपरागत) · परंपरा: रामायण परंपरा

महर्षि वाल्मीकि को आदिकाव्य "रामायण" का रचयिता माना जाता है, जिन्हें परंपरा में "आदिकवि" (प्रथम कवि) कहा जाता है। कथा के अनुसार नारद मुनि से प्रेरणा पाकर उन्होंने रामायण की रचना की।

शैक्षणिक कालनिर्धारण-टिप्पणी: रामायण के भाषिक विश्लेषण के आधार पर विद्वान इसकी रचना को सामान्यतः ईसा-पूर्व 5वीं से पहली शताब्दी के बीच रखते हैं; परंपरागत कालनिर्धारण त्रेता युग में होने के कारण इससे भिन्न है।

योगदान

संस्कृत काव्य-परंपरा के जनक के रूप में सम्मानित — रामायण भारतीय साहित्य, नाट्य एवं लोक-परंपरा को गहराई से प्रभावित करने वाला ग्रंथ है।

शिक्षाएँ

श्रीराम के जीवन के माध्यम से धर्म, कर्तव्य एवं आदर्श राज्य-व्यवस्था ("रामराज्य") की अवधारणा।

संबंधित ग्रंथ

रामायण (7 काण्ड)

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