सुश्रुत
सुश्रुत
काल (परंपरागत): सटीक तिथि अनिश्चित (अनुमानतः ई.पू. छठी शताब्दी के आसपास, परंतु विद्वानों में व्यापक मतभेद) · परंपरा: आयुर्वेद / शल्य चिकित्सा
सुश्रुत को प्राचीन भारतीय शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के जनक के रूप में सम्मानित किया जाता है। "सुश्रुत संहिता" में शल्य-उपकरणों, शल्य-विधियों (जिनमें राइनोप्लास्टी/नासा-पुनर्निर्माण की प्रारंभिक विधि भी शामिल है) का विस्तृत वर्णन मिलता है।
शैक्षणिक कालनिर्धारण-टिप्पणी: सुश्रुत संहिता के मूल भाग एवं परवर्ती परिवर्धन (विशेषकर नागार्जुन द्वारा संपादित भाग) के कालनिर्धारण पर विद्वानों में पर्याप्त मतभेद है।
योगदान
शल्य चिकित्सा के इतिहास में सुश्रुत संहिता में वर्णित नासा-पुनर्निर्माण विधि को आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी के इतिहास-लेखन में एक प्रारंभिक संदर्भ के रूप में स्वीकार किया जाता है — देखें /science पर विस्तृत विवरण।
शिक्षाएँ
शल्य चिकित्सा के लगभग 300 प्रक्रियाओं एवं 120 से अधिक उपकरणों का वर्णन; नासा-पुनर्निर्माण शल्य विधि का प्रारंभिक दस्तावेज़ीकरण।
संबंधित ग्रंथ
सुश्रुत संहिता