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📚 ऐतिहासिक स्रोत जीवनी-विश्वसनीयता: सत्यापित
आर्यभट

आर्यभट

काल (परंपरागत): 476 ई. (जन्म) — कुसुमपुर/पाटलिपुत्र · परंपरा: भारतीय गणित/खगोलशास्त्र

आर्यभट प्राचीन भारत के महानतम गणितज्ञ-खगोलशास्त्रियों में से एक हैं। अपने ग्रंथ "आर्यभटीय" (499 ई.) में उन्होंने दशमलव स्थानमान पद्धति, पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन, तथा सौर वर्ष की लंबाई की गणना जैसे विषयों पर कार्य किया।

शैक्षणिक कालनिर्धारण-टिप्पणी: आर्यभट का जन्मकाल आर्यभटीय में दिए गए स्वयं के कथन से गणना कर निकाला गया है, इसलिए यह अपेक्षाकृत निश्चित है।

योगदान

भारतीय गणित एवं खगोलशास्त्र की स्वतंत्र परंपरा के अग्रदूत — देखें /science पर विस्तृत तुलना।

शिक्षाएँ

π (पाई) का सन्निकट मान; ज्या (sine) सारणी; पृथ्वी के अक्षीय घूर्णन का स्पष्ट कथन; ग्रहणों की गणितीय व्याख्या।

संबंधित ग्रंथ

आर्यभटीय