हवन विधि (सामान्य परिचय)
अग्नि के माध्यम से देवताओं को आहुति अर्पित करना — वैदिक यज्ञ-परंपरा का घरेलू/लघु रूप।
आवश्यक सामग्री
हवन-कुण्ड, समिधा (लकड़ी), घी, हवन-सामग्री, कुशा।
विधि (चरण)
1. हवन-कुण्ड की स्थापना एवं शुद्धिकरण। 2. अग्नि-प्रज्ज्वलन। 3. संकल्प (उद्देश्य का निर्धारण)। 4. मंत्रोच्चार के साथ घी/हवन-सामग्री की आहुति। 5. पूर्णाहुति। 6. आरती एवं प्रसाद-वितरण।
प्रयुक्त मंत्र
गायत्री मंत्र, संबंधित देवता के मंत्र स्वाहा-सहित (जैसे "ॐ अग्नये स्वाहा")।
परंपरागत अर्थ
अग्नि को देवताओं तक आहुति पहुँचाने वाला माध्यम माना जाता है (देखें /devta पर अग्नि देवता)।
क्षेत्रीय भिन्नताएँ: विवाह, गृह-प्रवेश जैसे संस्कारों में हवन की विधि तथा नियमित/सार्वजनिक हवन की विधि में विस्तार-भेद होता है — विशिष्ट संस्कार-हवन हेतु योग्य पुरोहित का मार्गदर्शन आवश्यक माना जाता है।
यह विधि एक सामान्य/व्यापक रूप से प्रचलित रूपरेखा है — यह किसी विशेष सम्प्रदाय/परिवार-परंपरा की एकमात्र "सही" विधि होने का दावा नहीं करती।