दैनिक पूजा (सामान्य विधि)
घर के देवालय (मंदिर/पूजा-स्थान) में प्रतिदिन देवता की उपासना कर कृतज्ञता एवं श्रद्धा व्यक्त करना।
आवश्यक सामग्री
दीपक, अगरबत्ती/धूप, फूल, जल-पात्र, रोली/कुमकुम, अक्षत (चावल), प्रसाद (यदि उपलब्ध हो)।
विधि (चरण)
1. स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना। 2. देवालय की स्वच्छता। 3. दीपक एवं धूप प्रज्ज्वलित करना। 4. देवता को जल/फूल/रोली-अक्षत अर्पित करना। 5. मंत्र-जप/स्तोत्र-पाठ। 6. आरती। 7. प्रसाद-वितरण।
प्रयुक्त मंत्र
इष्ट-देवता से संबंधित मूल मंत्र (देखें /mantra)।
परंपरागत अर्थ
दैनिक पूजा को दिन के आरंभ में मन को शांत एवं केंद्रित करने की एक पारंपरिक विधि माना जाता है।
क्षेत्रीय भिन्नताएँ: विधि का विस्तार एवं जटिलता परिवार-परंपरा, संप्रदाय एवं क्षेत्र-अनुसार व्यापक रूप से भिन्न होती है — यह एक सामान्य ढाँचा है, सार्वभौमिक अनिवार्य विधि नहीं (देखें /disclaimer)।
यह विधि एक सामान्य/व्यापक रूप से प्रचलित रूपरेखा है — यह किसी विशेष सम्प्रदाय/परिवार-परंपरा की एकमात्र "सही" विधि होने का दावा नहीं करती।