वैशेषिक
वैशेषिक दर्शन
वैशेषिक दर्शन भौतिक जगत के विश्लेषण पर केंद्रित है — द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष एवं समवाय — इन छह (परवर्ती परंपरा में सात, अभाव सहित) पदार्थों (श्रेणियों) के माध्यम से सृष्टि की संरचना को समझने का प्रयास करता है।
पाठ्य आधार
वैशेषिक सूत्र (कणाद)
प्रमुख चिंतक
महर्षि कणाद
आत्मा/स्वयं की अवधारणा
आत्मा को नौ द्रव्यों में से एक, ज्ञान का आश्रय मानता है।
यथार्थ की अवधारणा
परमाणुवाद (Atomism) — पदार्थ के अविभाज्य कण (परमाणु) सृष्टि के मूल घटक हैं। देखें /science पर आधुनिक परमाणु सिद्धांत से इसकी सतर्क तुलना।
मोक्ष का मार्ग
द्रव्य-गुण-कर्म के यथार्थ स्वभाव के सम्यक ज्ञान से मोक्ष संभव है।
विभिन्न परंपराओं में व्याख्या-भेद: द्रव्य/तत्त्व-वर्गीकरण की यह पद्धति आधुनिक विज्ञान की वर्गीकरण-पद्धति से रोचक समानता रखती है, परंतु इसे आधुनिक भौतिकी के समकक्ष नहीं माना जाना चाहिए — देखें /science पर विस्तृत सावधानी-पूर्ण तुलना।