आयुर्वेद ("आयुष्" + "वेद" = जीवन का ज्ञान) भारत की एक प्राचीन चिकित्सा-पद्धति है, जिसके दो प्रमुख मौलिक ग्रंथ चरक संहिता (आंतरिक चिकित्सा पर केंद्रित) एवं सुश्रुत संहिता (शल्य चिकित्सा पर केंद्रित) माने जाते हैं — इन्हें अष्टांग हृदयम् के साथ "बृहत्त्रयी" कहा जाता है।

आयुर्वेद का केंद्रीय सिद्धांत त्रिदोष है — वात, पित्त एवं कफ — तीन जैविक ऊर्जाएँ, जिनका संतुलन स्वास्थ्य तथा असंतुलन रोग का कारण माना जाता है। उपचार में आहार, जीवनशैली, औषधि (मुख्यतः वनस्पति-आधारित) एवं पंचकर्म (शुद्धिकरण-विधियाँ) का समावेश होता है।

महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: आयुर्वेद भारत सरकार द्वारा एक मान्यता-प्राप्त चिकित्सा-पद्धति है (आयुष मंत्रालय द्वारा विनियमित), परंतु इसके व्यक्तिगत उपचार-दावों की आधुनिक जैव-चिकित्सा (biomedicine) मानकों के अनुसार वैज्ञानिक पुष्टि की स्थिति उपचार-विशेष एवं स्थिति-विशेष पर निर्भर करती है — यह वेबसाइट किसी विशिष्ट आयुर्वेदिक उपचार की चिकित्सकीय प्रभावशीलता का दावा नहीं करती। किसी भी स्वास्थ्य-समस्या हेतु योग्य चिकित्सक (आयुर्वेदाचार्य अथवा एलोपैथिक चिकित्सक) से परामर्श अनिवार्य है।