कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक मास (जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है) के समापन का पर्व — कुछ परंपराओं में देव-दीपावली भी इसी दिन मनाई जाती है।
कथा
कार्तिकेय द्वारा तारकासुर-वध इसी दिन हुआ माना जाता है (कुछ परंपराओं में); शिव द्वारा त्रिपुरासुर-वध की कथा से भी संबद्ध ("त्रिपुरारि पूर्णिमा" नाम इसीलिए प्रचलित है)।
पूजा-विधि
गंगा एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान, दीप-दान।
तिथि-गणना
कार्तिक मास की पूर्णिमा को — सामान्यतः नवंबर।
क्षेत्रीय भिन्नताएँ: वाराणसी में "देव दीपावली" के रूप में घाटों पर लाखों दीयों का भव्य आयोजन; सिख परंपरा में इसी दिन गुरु नानक जयंती भी मनाई जाती है (यह एक भिन्न, स्वतंत्र परंपरा है)।