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🕉️ धार्मिक परंपरा puranic
हनुमान्

हनुमान

अन्य नाम: बजरंगबली, पवनपुत्र, अंजनिपुत्र, मारुति

हनुमान वायुदेव के पुत्र तथा श्रीराम के परम भक्त एवं सेवक माने जाते हैं। रामायण में सीता की खोज, लंका-दहन एवं राम-रावण युद्ध में उनकी वीरता तथा राम के प्रति अपरिमित भक्ति के लिए वे विशेष रूप से पूजित हैं।

प्रतीकात्मकता

गदा (शक्ति), पर्वत उठाना (संजीवनी बूटी हेतु — निःस्वार्थ सेवा), वक्ष चीरकर राम-सीता दिखाना (अनन्य भक्ति)।

स्वरूप

बाल हनुमान, वीर/शक्ति रूप, राम-भक्त रूप (हृदय में राम-सीता का चित्रण)।

कथाएँ

सीता की खोज हेतु समुद्र लांघना, लंका-दहन, लक्ष्मण हेतु संजीवनी बूटी लाना, राम-भक्ति का प्रतीक।

उपासना

हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ; मंगलवार एवं शनिवार को विशेष उपासना की परंपरा।

विभिन्न सम्प्रदायों (वैष्णव/शैव/शाक्त) में इस देवता/देवी की व्याख्या एवं महत्व भिन्न हो सकता है — यह पृष्ठ किसी एक परंपरा को सार्वभौमिक नहीं मानता।

प्रसिद्ध मंदिर

हनुमान गढ़ी (अयोध्या), संकटमोचन मंदिर (वाराणसी)