ब्रह्मा
अन्य नाम: प्रजापति, विधाता, स्वयंभू
ब्रह्मा त्रिमूर्ति में सृष्टि-रचना के देवता हैं। ध्यान दें: शिव एवं विष्णु की तुलना में ब्रह्मा के समर्पित मंदिर एवं स्वतंत्र उपासना-परंपरा भारत में अत्यंत सीमित है — इस पर पौराणिक कथाओं में विभिन्न व्याख्याएँ (जैसे सरस्वती/शतरूपा से जुड़ी कथा) मिलती हैं, जिनकी ऐतिहासिक प्रामाणिकता असत्यापित है।
प्रतीकात्मकता
चार मुख (चार वेदों का ज्ञान), हंस-वाहन (विवेक), कमंडल एवं वेद (सृष्टि एवं ज्ञान)।
स्वरूप
सृष्टिकर्ता के रूप में एकल प्रमुख रूप।
कथाएँ
सृष्टि-रचना की प्रक्रिया से संबद्ध पौराणिक कथाएँ; सरस्वती के साथ संबंध की कथा (विभिन्न पुराणों में भिन्न-भिन्न वर्णित)।
उपासना
ब्रह्मा की स्वतंत्र दैनिक पूजा-परंपरा अन्य त्रिमूर्ति देवताओं की तुलना में सीमित है — पुष्कर जैसे विशिष्ट स्थान इसके अपवाद हैं।
प्रसिद्ध मंदिर
पुष्कर (राजस्थान) — भारत के अत्यंत गिने-चुने प्रमुख ब्रह्मा-मंदिरों में से एक।