गंधर्व
स्रोत: वेद, पुराण, महाभारत
गंधर्व स्वर्गलोक के संगीतज्ञ एवं गायक माने जाने वाले अर्ध-दिव्य प्राणियों का वर्ग हैं, जो अप्सराओं के साथ इंद्र की सभा में नृत्य-संगीत प्रस्तुत करते हैं। "गंधर्व विवाह" (परस्पर सहमति से बिना औपचारिक कर्मकाण्ड के विवाह) की अवधारणा भी इसी वर्ग के नाम पर आधारित है।
विशेषताएँ
संगीत एवं कला में दिव्य निपुणता, आकाश-गमन की क्षमता।
प्रसिद्ध कथाएँ
चित्ररथ (महाभारत में अर्जुन से संबद्ध प्रसिद्ध गंधर्व-प्रसंग)।
परंपरा के अनुसार स्वभाव
सामान्यतः देवताओं के सहायक एवं स्वर्गीय सभाओं के अलंकरण के रूप में वर्णित।
रक्षा-परंपराएँ
विशेष सुरक्षा-परंपरा का उल्लेख सीमित है।
यह विवरण पौराणिक/लोक-परंपरा पर आधारित है — यह किसी वास्तविक, भौतिक रूप से मनुष्य को हानि पहुँचाने वाले प्राणी के अस्तित्व का वैज्ञानिक दावा नहीं है।